पटना: एक तरफ खान सर के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है तो दूसरी तरफ उनके कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, बिहार अग्निशमन सेवा के DIG मनोज कुमार नट ने इस बात की जानकारी दी है कि खान ग्लोबल स्टडीज में कई तरह की त्रुटियां पाई गई है, 15 दिनों के अंदर अगर मानकों का पालन नहीं किया गया तो खान सर के कोचिंग पर ताला लटक सकता है।
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने होटलों, अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच शुरू की है। दिल्ली और मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद बिहार अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में है। निरीक्षण के दौरान पटना के 4 अस्पतालों और एक होटल में गंभीर खामियां मिलने पर उन्हें सील करने की कार्रवाई करने की बात कही गयी है।
जिन पांचों प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की बात कही गयी है, उनमें कुणाल होटल, एडवांस पटना सेंट्रल हॉस्पिटल, आरोग्यवर्धन हॉस्पिटल, पिनेकल हॉस्पिटल श्याम ट्रस्ट रिसर्च हॉस्पिटल और अपेक्स हॉस्पिटल का नाम शामिल है। डीआईजी मनोज नट ने लोगों से यह अपील की है कि वो सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। आम लोगों को सुरक्षित रखें।
FIR दर्ज होने के बाद से सामने नहीं आए हैं खान सर
मिली जानकारी के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बाद से खान सर सामने नहीं आ रहे हैं और अंडरग्राउंड हो गए हैं। खान सर कहां हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। पुलिस भी उनकी तलाश कर रही है। शुक्रवार देर रात को पुलिस बल को काफी संख्या में कोचिंग के बाहर तैनात किया गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस वहां से भी लौट गयी।
खान कोचिंग जिस कैंपस में है उसे किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस के नाम से जाना जाता है, क्योंकि पहले यहां कोल्ड स्टोरेज हुआ करता था। अब इसके अधिकतर हिस्से में कोचिंग संस्थान खुल गए हैं, लेकिन नाम अब भी किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस ही रह गया। इस कैंपस के बड़े हिस्से में जहां कोचिंग चलता है उसके मालिक डॉ आर बी प्रसाद हैं, जबकि एक छोटे हिस्से में अभी भी किसान कोल्ड स्टोरेज का बोर्ड दिखता है। कोल्ड स्टोरेज वाला हिस्सा आर बी प्रसाद के भाई के हिस्से में है।
ज्ञान विन्दु कोचिंग की तरफ से खान सर पर मकान मालिक डॉ आर बी प्रसाद से मिलकर उन्हें इस कैंपस से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया जा रहा है। अभी इस कैंपस में सिर्फ 5 कोचिंग संस्थान हैं- अंकुश मैथमेटिक्स, कौटिल्य GS, सावित्री कंप्यूटर, खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु जीएस, हालांकि सबसे बड़ा हिस्सा खान सर का ही है।
ज्ञान विन्दु GS के यहां सिर्फ 4 हॉल हैं, जिसमें क्लास चलता है तो खान सर के करीब 18-20 छोटे-बड़े हाल हैं। पहले यहां कई छोटे कोचिंग संस्थान थे, लेकिन 2019 के बाद कोविड के समय ऑनलाइन पढ़ाई के दौर में अपने पढ़ाई के अंदाज को लेकर खान सर सोशल मीडिया के जरिये चर्चा में आये। इसी कैंपस में कोचिंग सेंटर खोला, फिर धीरे धीरे छोटे कोचिंग संस्थान हटते गए और खान सर ने कैंपस के अधिकतर हिस्से को किराये पर ले लिया। धनंज्य मैथमेटिक्स एक नामी शिक्षक का कोचिंग भी था लेकिन उनको यहां से कोचिंग खाली करनी पड़ी। अधिक किराया देकर खान ने मकान मालिक से कई हॉल ले लिए। इसी कैंपस में खान ने एक ब्लड डोनेशन सेंटर भी खोला है। यहीं पर खान सर के स्किल इंडिया के कुछ ट्रेनिंग सेंटर भी हैं।
ज्ञान बिंदु कोचिंग के खान सर पर हैं गंभीर आरोप
ज्ञान बिंदु कोचिंग का आरोप है कि खान सर, मकान मालिक से मिलकर ज्ञान बिंदु को इस कैंपस से हटाना चाहते हैं ताकि इस पूरे कैंपस में सिर्फ खान ग्लोबल स्टडीज का ही कोचिंग मौजूद रहे। बिहार के अलग-अलग जिलों से कोचिंग में एडमिशन की इंक्वारी के लिए यहां आने वाले छात्र के पास सिर्फ खान कोचिंग ही एकमात्र विकल्प रहे।
खान सर को ज्ञान बिंदु से पिछले कुछ सालों से चुनौती मिल रही है। ज्ञान बिंदु कोचिंग ने भी कई परीक्षाओं में बेहतर रिजल्ट देकर पिछले कुछ सालों में अपनी अच्छी पहचान बनाई है। सफल परीक्षार्थियों को बुलेट मोटरसाइकिल देकर ज्ञान बिंदु के रौशन आनंद काफी चर्चा में आये थे।
पटना का मुसल्लहपुर हाट केवल एक मोहल्ला नहीं, बल्कि बिहार का सबसे बड़ा प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग क्लस्टर माना जाता है। यह इलाका महेंद्रू, बाजार समिति, रामपुर रोड, भिखना पहाड़ी और अशोक राजपथ के बीच फैला है।
पूरे पटना में लगभग 4,000 कोचिंग संस्थान
पूरे पटना में लगभग 4,000 कोचिंग संस्थान हैं। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा मुसल्लहपुर हाट, भिखना पहाड़ी और आसपास के क्षेत्र में केंद्रित है। केवल मुसल्लहपुर-महेंद्रू क्षेत्र में ही सैकड़ों कोचिंग संचालित हैं। मुसल्लहपुर हाट और आसपास के क्षेत्र में लगभग 3 से 4 लाख छात्र रहते या तैयारी करते हैं। इनमें BPSC, UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, शिक्षक भर्ती, NEET, JEE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी शामिल हैं।
इलाके की अर्थव्यवस्था लगभग पूरी तरह छात्र-आधारित है—लॉज, पीजी, मेस, पुस्तक दुकानें, फोटोकॉपी, लाइब्रेरी और चाय की दुकानें छात्रों पर निर्भर हैं। यदि केवल "मुसल्लहपुर हाट" मोहल्ले को देखें तो यह लगभग 1–2 वर्ग किलोमीटर के भीतर का क्षेत्र है। लेकिन जब लोग "मुसल्लहपुर कोचिंग हब" कहते हैं, तो उसमें- मुसल्लहपुर हाट, महेंद्रू, रामपुर रोड, बाजार समिति, भिखना पहाड़ी, अशोक राजपथ का कुछ हिस्सा, शामिल हो जाता है।
यह पूरा छात्र-क्लस्टर लगभग 4–6 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला माना जा सकता है। कोटा (राजस्थान) की तरह पटना का मुसल्लहपुर हाट बिहार के छात्रों के लिए "मिनी कोटा" माना जाता है। यहां कई सड़कों पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक छात्रों की भीड़ रहती है और हजारों लॉज व पीजी केवल छात्रों के लिए बने हुए हैं।